बिना रुके धड़क रही अमरकंटक की एक यूनिट: चचाई पावर स्टेशन ने बनाया लगातार संचालन का नया रिकॉर्ड

Newzo
Newzo - News Editor
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जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के इतिहास में आज एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। अमरकंटक थर्मल पावर स्टेशन चचाई की 210 मेगावाट क्षमता वाली बिजली उत्पादन यूनिट ने लगातार 600 दिनों तक बिना रुके चलने का एक नया इतिहास बनाया है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई के नेतृत्व व मार्गदर्शन में इस थर्मल पावर प्लांट ने यह अनूठी सफलता हासिल की है। यह ऐतिहासिक और निरंतर बिजली उत्पादन का सफर 1 अक्टूबर 2024 से शुरू हुआ था जो आज 25 मई को भी लगातार जारी है। इस अभूतपूर्व और बड़े रिकॉर्ड से पूरे प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बहुत बड़ी मजबूती मिली है।

तकनीकी दक्षता के नए कीर्तिमान बनाये

​इस रिकॉर्ड संचालन के दौरान चचाई प्लांट की 210 मेगावाट की इस इकाई ने कार्यकुशलता के मामले में कई नए और ऊंचे मापदंड स्थापित किए हैं। लगातार चले इस पूरे सफर में प्लांट उपलब्धता कारक यानी पीएएफ 98.81 प्रतिशत दर्ज किया गया है जो इसकी लगातार काम करने की क्षमता को दिखाता है। इसके साथ ही प्लांट लोड फैक्टर यानी पीएलएफ भी 95.6 प्रतिशत के बहुत ऊंचे स्तर पर बना रहा जिससे यह साफ होता है कि प्लांट ने अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए बिजली पैदा की है। वही प्लांट को चलाने के लिए जरूरी सहायक बिजली की खपत को भी काफी कम रखने में सफलता मिली है। यह आंतरिक बिजली खपत मात्र 9.28 प्रतिशत रही जिससे बिजली की बड़ी बचत हुई है। इन सभी आंकड़ों से साबित होता है कि प्लांट ने न केवल लंबे समय तक काम किया बल्कि पूरी दक्षता और तकनीकी मजबूती के साथ बिजली उत्पादन किया है।

बेहतर रखरखाव और तकनीकी टीम का सामूहिक प्रयास

​बिजली क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि किसी भी थर्मल पावर प्लांट को बिना किसी तकनीकी खराबी, ग्रिड ट्रिपिंग या अचानक आने वाली रुकावट के लगातार 600 दिनों तक चलाना एक बहुत बड़ी तकनीकी चुनौती होती है। इस बड़ी कामयाबी के पीछे चचाई प्लांट की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस टीम का कुशल नेतृत्व और दिन-रात का कड़ा परिश्रम शामिल है। प्लांट में लगातार की जाने वाली डिजिटल निगरानी और समय से पहले की जाने वाली प्रिवेंटिव मेंटेनेंस यानी अग्रिम रखरखाव की नीतियों के कारण ही इस मुश्किल लक्ष्य को पाना संभव हो सका है। प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस सफलता का पूरा श्रेय पूरी तकनीकी टीम के अनुशासन और तालमेल को दिया है जिसके चलते राज्य में बिजली उत्पादन का यह सबसे बड़ा और अनूठा कीर्तिमान स्थापित हो पाया है।

आम उपभोक्ताओं को लगातार सस्ती बिजली का सीधा फायदा

​अमरकंटक चचाई पावर प्लांट की इस बड़ी उपलब्धि का सबसे ज्यादा फायदा मध्य प्रदेश के आम बिजली उपभोक्ताओं को मिला है। यूनिट के बिना किसी रुकावट के लगातार चालू रहने से राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी बाधा के निरंतर बिजली सप्लाई करने में मदद मिली है। लगातार उत्पादन होने से बाजार से महंगी बिजली खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पूरी टीम को बधाई संदेश भेजा है और उम्मीद जताई है कि यह केंद्र भविष्य में भी ऐसे ही नए मील के पत्थर स्थापित करेगा।

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