शहडोल की 8 दिन की नवजात बच्ची का मुंबई में सफल ऑपरेशन, सरकारी योजनाओं से मिला निशुल्क जीवनदान

जबलपुर। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की रहने वाली 8 दिन की एक नवजात बच्ची को जन्मजात दिल में छेद होने के कारण गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज से एयरलिफ्ट कर मुंबई के नारायणा अस्पताल भेजा गया था। जहां डॉक्टरों की टीम ने शनिवार को उसका सफल ऑपरेशन कर दिया है। इस मासूम बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी और उसका ऑक्सीजन लेवल घटकर 30 से 50 के बीच पहुंच गया था। राज्य सरकार ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी और आरबीएसके प्रबंधक सुभाष शुक्ला के बेहतर समन्वय से तुरंत एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की। बच्ची के पिता विक्रम दाहिया और मौसा अजय दाहिया भी इस दौरान उसके साथ मुंबई गए। शासन की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के अंतर्गत बच्ची का पूरा इलाज पूरी तरह निशुल्क किया गया, जिस पर करीब 1.60 लाख रुपए का खर्च आया है। मुंबई में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रिया प्रधान और पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन डॉ. प्रदीप कौशिक की टीम ने यह जटिल और सफल ऑपरेशन करके मासूम को एक नया जीवन दिया है।
गंभीर स्थिति और समय पर एयरलिफ्ट का निर्णय बना उदाहरण
शहडोल के एक परिवार में जन्मी इस बच्ची की तबीयत जन्म के कुछ ही दिनों बाद अचानक बिगड़ने लगी थी। परिजन उसे इलाज के लिए तत्काल जबलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि बच्ची के दिल में जन्मजात छेद है और उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन न होने के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत किसी बड़े विशेष चिकित्सा केंद्र में ले जाने की सलाह दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और आरबीएसके टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समय रहते बच्ची को हवाई मार्ग से मुंबई भेजने का अहम फैसला लिया।
मुंबई के अस्पताल में हुआ जटिल ऑपरेशन की
हवाई मार्ग से मुंबई पहुंचने के बाद नवजात बच्ची को तुरंत नारायणा अस्पताल के विशेष नवजात गहन चिकित्सा कक्ष यानी एचएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। अस्पताल आगमन के समय बच्ची के शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी थी, जिससे उसके जीवन पर संकट मंडरा रहा था। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए सबसे पहले जरूरी जीवन रक्षक दवाएं शुरू कीं ताकि उसकी स्थिति को स्थिर किया जा सके। इसके बाद शनिवार को पीडियाट्रिक विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर हृदय की अत्यंत जटिल सर्जरी को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। डॉक्टरों के इस त्वरित प्रयास से बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने लगा।
सभी अंगों की सुरक्षित और स्वास्थ्य में भी सुधार
सफल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने राहत की खबर दी है कि बच्ची के शरीर के अन्य सभी प्रमुख अंग जैसे मस्तिष्क, किडनी और लीवर पूरी तरह सुरक्षित हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। सर्जरी के बाद से बच्ची की हालत लगातार स्थिर बनी हुई है और उसे चिकित्सा विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग और सरकारी योजनाओं के बेहतरीन तालमेल की वजह से समय पर इलाज मिलना संभव हो सका, जिससे एक मासूम बच्ची की जान बच गई। डॉक्टरों का कहना है कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर एक सामान्य बच्चे की तरह अपनी जिंदगी जी सकेगी।
