उदयपुर के शिल्पग्राम में 30 करोड़ की लागत से बना हाईटेक उप-क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र जल्द ही जनता के लिए खुलने वाला है. 6.4 हेक्टेयर में फैले इस सेंटर में 4K डिजिटल ताराघर, इनोवेशन हब और आउटडोर साइंस पार्क जैसे प्रमुख आकर्षण होंगे. यहाँ बच्चे डायनासोर के आदमकद मॉडलों और 3D स्पेस फिल्मों के जरिए विज्ञान को अनुभव कर सकेंगे. यह केंद्र उदयपुर को विज्ञान पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा.
झीलों की नगरी उदयपुर अब केवल पर्यटन और संस्कृति ही नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाने जा रही है. उदयपुर के प्रसिद्ध शिल्पग्राम के पीछे, अरावली की खूबसूरत तलहटी में बन रहा उप-क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र (Sub-Regional Science Center) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. करीब 30 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहा यह हाईटेक सेंटर 6.4 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है. शहरवासियों और पर्यटकों के लिए खुशखबरी यह है कि अगले 3 से 4 महीनों के भीतर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है. पहला चरण लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है, जिसमें विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल और दीर्घाएं (गैलरी) तैयार की गई हैं. दूसरा और सबसे रोमांचक चरण है ‘डिजिटल प्लेनेटेरियम’ (ताराघर), जिस पर अभी तेजी से काम चल रहा है. अधिकारियों की मानें तो अगस्त-सितंबर तक इस डिजिटल ताराघर को भी शुरू कर दिया जाएगा. यह केंद्र केवल एक प्रदर्शनी स्थल नहीं होगा, बल्कि एक ‘इंटरैक्टिव लर्निंग हब’ के रूप में बच्चों और युवाओं को विज्ञान के रहस्यों से रूबरू कराएगा.झीलों की नगरी उदयपुर अब केवल पर्यटन और संस्कृति ही नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाने जा रही है. उदयपुर के प्रसिद्ध शिल्पग्राम के पीछे, अरावली की खूबसूरत तलहटी में बन रहा उप-क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र (Sub-Regional Science Center) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. करीब 30 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहा यह हाईटेक सेंटर 6.4 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है. शहरवासियों और पर्यटकों के लिए खुशखबरी यह है कि अगले 3 से 4 महीनों के भीतर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
देश का सबसे आधुनिक डिजिटल ताराघर होगा मुख्य आकर्षण
शिल्पग्राम की पहाड़ियों में बन रहे इस सेंटर का सबसे बड़ा आकर्षण 15 करोड़ की लागत से बन रहा ‘डिजिटल ताराघर’ है. यहाँ पुरानी तकनीक को पीछे छोड़ते हुए अत्याधुनिक 4K रेजोल्यूशन प्रोजेक्टर और लेजर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यहाँ दर्शकों को अंतरिक्ष के बीच खड़े होने जैसा जीवंत अनुभव मिलेगा. 3D फिल्मों के माध्यम से ब्लैक होल का रहस्य, गैलेक्सी का निर्माण और सौरमंडल की रोमांचक यात्रा को लाइव देखा जा सकेगा, जो पुराने ऑप्टो-मैकेनिकल ताराघरों से कहीं अधिक जीवंत होगा.
इनोवेशन हब और आउटडोर साइंस पार्क का रोमांच
- साइंस सेंटर को रोचक बनाने के लिए यहाँ कई विशेष सेक्शन बनाए गए हैं:
- हेल्थ एंड हाइजीन गैलरी: यहाँ मानव शरीर की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं.
- इनोवेशन हब (आइडिया लैब): यहाँ छात्र अपने नए आइडिया पर काम कर सकेंगे और प्रैक्टिकल मॉडल तैयार कर सकेंगे.
- आउटडोर साइंस पार्क: खुले आसमान के नीचे बने इस पार्क में डायनासोर और कई विलुप्त जीवों के आदमकद मॉडल लगाए गए हैं.
- सन एंड फन गैलरी: यहाँ सूर्य का एक विशाल मॉडल है, जहाँ भौतिकी (Physics) के कठिन नियमों को खेल-खेल में समझाया जाएगा.
विज्ञान पर्यटन का नया ग्लोबल डेस्टिनेशन
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, यह केंद्र उदयपुर को ‘विज्ञान पर्यटन’ (Science Tourism) के वैश्विक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेगा. यहाँ किताबों के बजाय अनुभव से सीखने पर जोर दिया जाएगा, जो छात्रों के लिए नवाचार का एक बड़ा मंच साबित होगा. आने वाले समय में, सिटी पैलेस और पिछोला झील के साथ-साथ शिल्पग्राम की पहाड़ियों में बना यह साइंस सेंटर भी पर्यटकों की पहली पसंद बनने वाला है.
