Mango Allergy Treatment At Home: डॉक्टर का मानना है कि इस समस्या की वजह आम का गूदा नहीं, बल्कि आम का छिलका, डंठल के पास का रस और चिपचिपा पदार्थ हो सकता है क्योंकि इनमें ऐसे रसायन होते हैं जो पॉइज़न आइवी वाले एलर्जेन जैसे होते हैं, इसी वजह से कई लोगों को एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस हो जाती है.
कच्चा आम खाने से रैश क्यों हो जाते हैं?
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कच्चे आम के छिलके और उसके रस में मंगोल नाम का एक रसायन पाया जाता है, जो एलर्जी कर सकता है. यह एलर्जी कई बार तुरंत नहीं, बल्कि कुछ घंटों बाद दिखती है. बता दें, यह रसायन उरुशियोल जैसा होता है, वही जो पॉइज़न आइवी में पाया जाता है. इसलिए जिन लोगों को पॉइज़न आइवी से एलर्जी होती है, उन्हें आम के छिलके से भी रिएक्शन हो सकता है.
कच्चे आम में एलर्जी ज्यादातर इन जगहों पर होती है,
- आम के छिलके में
- डंठल (स्टेम) के पास
- आम काटते समय निकलने वाले चिपचिपे रस में
रैश कैसा दिखता है?
रैश कुछ घंटों में या 48 घंटे तक बाद में नजर आ सकता है,
- होंठों या मुंह के आसपास लाल, खुजली वाला रैश
- होंठ या आंखों में सूजन
- स्किन में जलन
- छोटे दाने
- आम काटने के बाद उंगलियों या हाथों पर रैश
- स्किन का सूखना या पपड़ी बनना
किन लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है?
- जिनकी स्किन संवेदनशील हो
- जिन्हें पहले पॉइज़न आइवी से एलर्जी हो
- जिन्हें काजू या पिस्ता से एलर्जी हो
- जो लोग बार-बार कच्चे आम काटते हो
रैश हो जाए तो क्या करें?
- डॉक्टर द्वारा दी गई क्रीम लगाएंप्रभावित जगह को पानी और हल्के साबुन से धोएं
- ठंडी पट्टी लगाएं
- बिना खुशबू वाले मॉइस्चराइज़र लगाएं
- खुजलाएं नहीं
- जरूरत पड़े तो एंटीहिस्टामिन लें
